प्रदेश में 1 जून से अनलॉक की तैयारी : भोपाल ,इंदौर सहित 7 जिलों में अभी ढील मिलना मुश्किल

 मध्य प्रदेश में 1 जून से कोरोना संक्रमण की कम होती दर के  साथ कोरोना कर्फ्यू में ढील देने की कवायद चल रही है। प्रदेश में पिछले कई दिनों से चल रहे कोरोना कर्फ्यू के कारण संक्रमण में कमी देखी जा रही है ।प्रदेश में साप्ताहिक औसत पॉजिटिविटी रेट 4.5 फीसदी है, परन्तु प्रदेश में 7 जिलें ऐसे भी है जहाँ कोरोना का संक्रमण अभी  भी बना हुआ है । इन जिलों ने पॉजिटिविटी दर अभी भी 5 प्रतिशत से अधिक है अत: यहाँ पर कोरोना कर्फ्यू में ढील मिलने में संशय है । इन सात जिलों में इंदौर, भोपाल, सागर, रतलाम, रीवा , सीधी  एवं  अनूपपुर शामिल है।

इन 7 शहरों में इंदौर में 8.6 प्रतिशत भोपाल में 8.4 प्रतिशत , रीवा में 6.5, सीधी में 5.2, सागर में 7.3, सागर में 7.3 एवं , रतलाम में 7 प्रतिशत पॉजिटिविटी रेट अभी चल रहा है । इंदौर में 623  और भोपाल में 433 नए प्रकरण कल सामने आये है । ऐसे में इन शहरों में 1 जून के बाद कोरोना कर्फ्यू में ढील मिलना मुश्किल है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  कहा है कि यदि अगले 5 दिनों में इन सात जिलों में पॉजिटिविटी रेट घटती है तो कोरोना कर्फ्यू में ढील दी जाएगी वर्ना कोरोना कर्फ़्यू को बढ़ाया जाएगा। सरकार 31 मई तक संक्रमण को पूरी तरह से नियंत्रित करने में लगी हुई है । प्रदेश के अन्य जिलों में जहाँ संक्रमण 5 प्रतिशत से कम आ गई है वही पर ये सात जिले सरकार के लिए चुनौती बने हुए है।

प्रदेश में अनलॉक का निर्णय 30-31 मई को होने वाले क्राइसिस मैनेजमेंट टीम की बैठक में होगा । इसी बैठक में जिलेवार कर्फ्यू में कितनी ढील दिया जाना है इस पर निर्णय लिया जाएगा। WHO की गाइड लाइन के अनुसार साप्ताहिक औसत संक्रमण की दर 5% से कम होने की स्थिति में ही कर्फ्यू में ढील दी जा सकती है। छुट मिलने पर भी राजनीतिक और सार्वजनिक आयोजनों विशेषकर धरना-प्रदर्शन, रैलियों और धार्मिक आयोजन पर प्रतिबंध रहेगा। वैवाहिक कार्यक्रमों की अनुमति होगी, लेकिन वर-वधू दोनों पक्षों से सिर्फ 10-10 लोग ही शामिल हो पाएंगे। शादी समारोह में आने वाले लोगों के लिए कोरोना निगेटिव टेस्ट अनिवार्य होगा। प्रदेश में लोगों को एक जगह जमा होने से रोकने के लिए धारा 144 लागू रहेगी।