देश के 75 वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी का सन्देश

 

भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस उपलक्ष्य पर कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठवीं बार लाल किले पर झंडा फहराया। स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाठ के अवसर पर लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने  देश को 90 मिनट तक संबोधित किया।  अपने इस संबोधन में उन्होंने 'आजादी को जन आंदोलन बनाने वाले महात्मा गाँधी से लेकर , सुभाष चन्द्र बोस , भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, झांसी की लक्ष्मी बाई, चित्तूर की रानी कनम्मा, बिस्मिल और अशफाक उल्ला खां सहित पहले प्रधानमंत्री नेहरू, सरदार पटेल एवं डा। अंबेडकर को भी याद किया ।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर पडोसी देशों विशेषकर पाकिस्तान एवं चीन  को भी कड़ा सन्देश देते हुए है  कहा कि भारत बदल रहा है, भारत बदल सकता है, भारत कठिन से कठिन फैसले ले सकता है और इससे झिझकता नहीं है, रुकता नहीं। सर्जिकल स्ट्राइक और एयरस्ट्राइक इस बात के प्रमाण है।  

उन्होंने कहा कि अब से हर वर्ष 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाएगा। जो लोग विभाजन के समय अमानवीय हालात से गुजरे, अत्याचार सहे, उनका हमारी स्मृतियों में जीवित रहना जरूरी है।

अपने भाषण में मोदी ने युवाओं को रोजगार देने वाली 100 लाख करोड़ रुपए की गति शक्ति योजना और बेटियों के लिए देश के सभी सैनिक स्कूल खोलने का भी ऐलान किया। मोदी ने कहा कि गति शक्ति का नेशनल मास्टर प्लान शीघ्र ही तैयार कर देश के सामने लाया जाएगा। सौ लाख करोड़ से भी ज्यादा की योजना लाखों नौजवानों के लिए रोजगार लाएगी। गति शक्ति देश के लिए नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर का मास्टर प्लान होगा। यह देश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगा । सामान्य आदमी के ट्रेवल टाइम में कमी होगी, मैन्युफैक्चरर्स को मदद होगी। स्वतंत्रता के अमृत काल के इस दशक में गति की शक्ति भारत के कायाकल्प का आधार बनेगी।

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने नेशनल हाइड्रोजन मिशन की घोषणा भी की। उन्होंने भारत को ग्रीन हाइड्रोजन के प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट का हब बनाने की बात की। क्लीन एनर्जी का ये क्षेत्र भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक  ठोस कदम साबित  होगा।

प्रधान मंत्री मोदी ने कहा कि खेल से लेकर हर जगह बेटियां कमाल कर रही हैं। सड़क से लेकर वर्कप्लेस तक महिलाओं में सुरक्षा, सम्मान का भाव हो, इसके लिए शासन प्रशासन, पुलिस, नागरिकों को अपनी जिम्मेदारी निभानी है। उन्होंने कहा कि मुझे लाखों बेटियों के संदेश मिलते थे कि सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहती हैं। ढाई साल पहले मिजोरम के सैनिक स्कूल में बेटियों को प्रवेश देने का प्रयोग किया था। अब तय किया है कि देश के सभी सैनिक स्कूलों को देश की बेटियों के लिए भी खोल दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास’  ये अभी तक हमारा मूल मन्त्र था पर अब सबका प्रयास भी इसमें जोड़ना होगा।  सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और अब सबका प्रयास हमारे लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा की पिछले 7 वर्षो से चलाई गई योजना का लाभ चाहे वो उज्ज्वला योजना हो या आयुष्मान भारत योजना इन सभी का लाभ देश की करोडो लोगों तक पंहुचा है।